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Asli Adhyatma (Original Recording - Voice of Sirshree) [Original Spirituality]

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Asli Adhyatma (Original Recording - Voice of Sirshree) [Original Spirituality]

By: Sirshree
Narrated by: Sirshree
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असली अध्यात्म

एक भाव, एक दिशा, एक से व्यवहार हो

बेस्टसेलर पुस्तक ‘विचार नियम’ के रचनाकार

सरश्री

अध्यात्म का लक्ष्य

प्रत्यक्ष सरश्री की आवाज़ में बताई गई इस ऑडियो बुक द्वारा हम अध्यात्म का असली लक्ष्य जाननेवाले हैं। आज तक कई सारे गुरुओं ने अध्यात्म की परिभाषा का वर्णन किया है। इस ऑडियो बुक द्वारा सरश्री जी बता रहे हैं कि असली अध्यात्म यानी अखंड बनना, एक बनना और एक से ही व्यवहार करना।

अखंड जीवन कैसा आनंद देगा, जब तक आपने स्वाद नहीं लिया तब तक आप उसके लिए प्रयत्न करना नहीं चाहेंगे क्योंकि खंडित जीवन जीने की आदत हो चुकी है। खंडित जीवन यानी टुकड़ों में बटा हुआ जीवन, जहाँ एक दिशा नहीं है। ऐसा कुछ हो जाए कि सभी खंड आपस में जुड़ जाएँ। शरीर, मन और सेल्फ के बीच में बुद्धि आती है तो ये तीनों आपस में जुड़ जाते हैं। बुद्धि विवेक का प्रतीक है और विवेक तेज प्रकाश का प्रतीक है।

ये तेज प्रकाश आपके जीवन में आने के लिए गुरू इलैक्ट्रिशियन का रोल भी निभाते हैं। बिजली चली गई तो आप इलैक्ट्रिशियन को बुलाते हैं और कहते हैं कि बिजली चली गई है, हमें दिखाई नहीं दे रहा। ठीक वैसे ही जब आपके जीवन में अंधेरा छा जाता है, आपको सत्य दिखाई नहीं देता तब गुरु अपने ज्ञान से आपके जीवन में तेज प्रकाश लाते हैं। सरश्री जी ने बहुत ही आसान सा उदाहरण देकर इसी बात को इस ऑडियो बुक में बताया है।

यह ऑडियो बुक आपको बताती है कि सचमुच तेजस्वार्थी कौन है? जो स्व का अर्थ जानता है वह तेजस्वार्थी है। जो तेजस्वार्थी होगा वह कभी भी ऐसी मूर्खता नहीं करेगा, जिससे उसके अंदर जो सेल्फ है, स्व साक्षी है वह असंतुष्ट हो जाए क्योंकि उसकी संतुष्टि के लिए सारा कार्य चल रहा है। वह संतुष्ट रहा तो आपके अंदर पूर्णता की भावना आती है। संपूर्ण लक्ष्य प्राप्त हुआ ऐसी भावना आती है।

सरश्री जी की आवाज़ में बनी इस ऑडियो बुक को सुनकर जानें कि कैसे आपको एकलव्य बनना है... एकनाथ बनना है... कैसे एक ही दिशा में आपके भाव, विचार, वाणी और क्रिया हों... कैसे अखंड जीवन जीकर एक से ही व्यवहार करना सीखना है...।

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