Karmik Bandhan se Mukti [Freedom from Karmic Bondage]
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Narrated by:
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Sirshree
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By:
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Sirshree
कार्मिक बंधन से मुक्ति
किरण केंद्र बनें
बेस्टसेलर पुस्तक ‘विचार नियम’ के रचनाकार
सरश्री
असली दया
जब हम किसी पर दया करते हैं तो उसे छोटा समझते हैं। यह बेचारा भिखारी है, बेचारा गरीब है, बेचारा बीमार है तो यह असली दया नहीं है। प्रत्यक्ष सरश्री की आवाज़ में बताई गई इस ऑडियो बुक में हम असली दया करना किसे कहते हैं, यह जाननेवाले हैं। असली दया में आप सामनेवाले को पहचानते हो। ‘दया शब्द में डी. ए. वाय. ए. का अर्थ है- दिव्य अनुभव योजना अनुसार।’
हर इंसान के दिव्य अनुभव योजना अनुसार जो सही है, वह उसे मिले। आपके दिव्य अनुभव योजना अनुसार आपको जो मिलना चाहिए यदि वह कामना हम करते हैं तो हम असली दया करते हैं। जब हम सामनेवाले के लिए दिव्य अनुभव योजना अनुसार कामना करते हैं तो उसे किरण कहते हैं। दया और किरण की यह भावना रोग निवारण करती है। इस भावना की शक्ति को पहचाने और आपके ध्यान क्षेत्र में जो भी आ रहा है उस पर तुरंत अपनी तरफ से किरण बरसाए।
इस ऑडियो बुक द्वारा सरश्री हमें बता रहे हैं कि किस प्रकार हमें हमारे संपर्क में आनेवाले हर इंसान के लिए मंगल भावना, कामना करनी है। हर इंसान के साथ हमारे कुछ कार्मिक बंधन होते हैं, जिनके साथ हम रहते हैं। इन्हीं कार्मिक बंधनों से मुक्ति पाने के लिए ही हमें किरणें भेजनी हैं। किरण भेजते समय कहना है, ‘तुम्हारा मंगल हो, दिव्य अनुभव योजना अनुसार तुम्हें स्वास्थ्य मिले, तुम्हारे रिश्तें अच्छे बनें, तुम्हें समृद्धि मिले...।’ इस ऑडियो बुक में ध्यान देनेयोग्य बातें इस प्रकार हैं-
- किरण केंद्र ध्यान
- अपने सार्थक सबक सीखें
- सेल्फ की लीला को पहचानें
- पेन, पेन्सिल और पेनड्राइव का उदाहरण
- गॉड ब्लेस यू - ईश्वर तुम्हें रोग से मुक्त करे)
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